हारा हुआ मनुष्य भी जीना चाहता है चाहे वो कितनी ही मुसीबत में क्यों ना हो, हर दुःख में हँसना चाहता है उसकी जीने की चाह कभी ख़त्म नहीं होगी तो फिर जीना क्या जीवन से हार के ..........
मैंने तो महसूस किया है "जीवन सचमुच अनमोल है!" कभी आप भी महसूस कीजिये
हर कदम हम एक दुसरे से दूर जाने के लिए जीये जा रहे है तो फिर जब तक हम साथ है ज़िन्दगी को जिंदादिली के साथ जीये.